नवरात्रि व्रत में क्या खाएं? 20 आसान और पौष्टिक व्रत रेसिपी, गर्भवती महिलाओं और जिम वालों के लिए भी

नवरात्रि के साथ ही घरों में दिवाली की तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं और इसी के साथ महिलाओं का रोज़ का काम कई गुना बढ़ जाता है। एक तरफ़ जहाँ दिवाली की सफ़ाई होती है, वहीं दूसरी ओर नवरात्रि में माँ की पूजा की तैयारियाँ करनी होती हैं और इन सबके साथ व्रत की तैयारी, घर में सभी के लिए फलाहार तैयार करना और यदि घर में छोटे बच्चे हैं, तो उनके लिए अलग से खाना बनाना भी पड़ता है। वाकई में त्योहारों के दौरान पुरुषों को तो ऑफिस से छुट्टी मिल जाती है, लेकिन महिलाओं का काम कई गुना बढ़ जाता है। और तो और, महिलाओं की समस्या यहीं ख़त्म नहीं होती। यदि महिला गर्भवती है या वह हाल-फ़िलहाल में माँ बनी है, तब तो उसके लिए अपने बच्चे और स्वयं अपना ख़्याल रखना भी काफ़ी मुश्किल हो जाता है।

इसके अलावा, नवरात्रि में दूसरी सबसे बड़ी समस्या उन लोगों के सामने आती है, जो रोज़ाना जिम जाते हैं, क्योंकि उनके लिए व्रत के साथ-साथ अपनी प्रोटीन डाइट को मेंटेन रखना बेहद कठिन हो जाता है। हमारे आज के इस लेख का उद्देश्य इन्हीं सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर लिखा गया है। इस लेख के माध्यम से हम आपको 20 ऐसी चीज़ों के बारे में बताएँगे, जिन्हें न सिर्फ़ बनाना बेहद आसान है, बल्कि इनके ज़रिए आप अपनी डेली कैलोरी और प्रोटीन की ज़रूरत को भी आसानी से पूरा कर पाएँगे। फिर चाहे वह कोई गर्भवती महिला हो, या कोई ऐसी माँ जिसने अभी-अभी किसी बच्चे को जन्म दिया है और उसका बच्चा अभी तक पूरी तरह से उसके दूध पर निर्भर है, या फिर आप कोई युवा हों, जिसने हाल ही में जिम जॉइन किया है। इसलिए हमारे इस ब्लॉग को ज़रूर पूरा पढ़ें।     

इस लेख में बताई गयी रेसिपीज न सिर्फ आम लोगों बल्कि उन पुरुषों और महिलाओं के भी फायदेमंद है जिनकी रोजाना पोषण की जरुरत सामान्य से अधिक है :-

1. पनीर कुट्टू चीला

कुट्टू के आटे में थोड़ा दही और पानी मिलाकर घोल तैयार करें। इसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर भरकर चीला बनाएं और इसे कम तेल या घी में तवे पर सेंक लें। कुट्टू इस रेसिपी में कार्बोहाइड्रेट के रूप में ऊर्जा देता है, जबकि पनीर प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बढ़ाता है। यही वजह है कि हाल ही में मां बनी महिला के लिए यह एक अच्छा नाश्ता बनता है। प्रसव के बाद शरीर को स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत रहती है और स्तनपान के दौरान भी मां के भोजन में पर्याप्त पोषण होना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, जबकि कुट्टू ऊर्जा की जरूरत पूरी करने में मदद करता है। जिम जाने वाले लोगों के लिए पनीर में मौजूद प्रोटीन व्यायाम के बाद मांसपेशियों की रिकवरी में योगदान देता है।

2. सामक पनीर खिचड़ी

सामक के चावल को व्रत में खाई जाने वाली सब्जियों और हल्के मसालों के साथ पकाएं। इसमें छोटे-छोटे पनीर के टुकड़े डालें और ऊपर से थोड़ी भुनी हुई मूंगफली मिला दें। सामक से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है, जबकि पनीर प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बढ़ाता है। नई मां के लिए यह एक अच्छा भोजन है क्योंकि स्तनपान के दौरान शरीर को ऊर्जा के साथ पर्याप्त प्रोटीन की भी जरूरत होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह ऊर्जा और प्रोटीन से भरपूर भोजन बनता है। जिम करने वालों के लिए सामक व्यायाम के आसपास ऊर्जा की जरूरत पूरी करने में मदद करता है, जबकि पनीर मांसपेशियों की रिकवरी के लिए प्रोटीन देता है।

3. साबूदाना मूंगफली खिचड़ी

साबूदाने को अच्छी तरह भिगोकर उसमें भुनी हुई मूंगफली, थोड़ा घी और सेंधा नमक डालकर खिचड़ी तैयार करें। साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देता है, इसलिए व्रत के दौरान यह शरीर को ऊर्जा देने वाला भोजन बन जाता है। लेकिन केवल साबूदाने से तैयार खिचड़ी में प्रोटीन की मात्रा कम रहती है। इसलिए इसमें मूंगफली मिलाने से रेसिपी का पोषण बेहतर हो जाता है। स्तनपान कराने वाली मां के लिए यह भोजन ऊर्जा और स्वस्थ वसा देता है। इसे दही के साथ खाने पर प्रोटीन और कैल्शियम भी मिल जाते हैं। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए यह व्यायाम से पहले ऊर्जा देने वाला भोजन बन सकता है, जबकि व्यायाम के बाद प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए इसके साथ दही या पनीर लेना बेहतर रहेगा।

4. सिंघाड़े के आटे का पनीर चीला

सिंघाड़े के आटे में थोड़ा दही और पानी डालकर घोल तैयार करें। इसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाएं और कम घी में तवे पर चीला सेंक लें। सिंघाड़े का आटा ऊर्जा देता है, जबकि पनीर प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बढ़ाता है। हाल ही में मां बनी महिला के लिए यह एक पौष्टिक नाश्ता है, क्योंकि प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी के लिए प्रोटीन महत्वपूर्ण होता है। स्तनपान कराने वाली मां को भी अपने भोजन में पर्याप्त पोषक तत्व शामिल करने की जरूरत रहती है। गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर प्रोटीन और कैल्शियम प्रदान करता है, जबकि सिंघाड़े का आटा ऊर्जा देता है। जिम करने वाले लोगों के लिए पनीर मांसपेशियों की रिकवरी में योगदान देता है और चीला एक भरपेट भोजन के रूप में काम आता है।

5. मखाना पनीर मसाला

मखाने को हल्का भून लें और इसमें पनीर के छोटे टुकड़े डालें। सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल किए जाने वाले हल्के मसालों के साथ इसे थोड़े घी में पकाएं। मखाना अकेले खाने पर अच्छा नाश्ता है, लेकिन इसमें पनीर मिलाने से प्रोटीन और कैल्शियम भी जुड़ जाते हैं। नई मां के लिए यह एक अच्छा शाम का नाश्ता बनता है, खासकर तब जब स्तनपान के कारण बीच-बीच में भूख महसूस हो। तले हुए व्रत के नाश्ते की जगह यह घर पर तैयार किया हुआ बेहतर विकल्प है। गर्भवती महिलाएं इसे हल्के नाश्ते के रूप में ले सकती हैं। जिम करने वालों के लिए पनीर प्रोटीन देता है, जबकि मखाना ऊर्जा की जरूरत पूरी करता है।

6. दही वाला शकरकंद चाट

उबले हुए शकरकंद को छोटे टुकड़ों में काटें और इसमें दही, भुनी हुई मूंगफली तथा सेंधा नमक मिलाएं। शकरकंद से कार्बोहाइड्रेट और फाइबर मिलता है, दही प्रोटीन और कैल्शियम देता है, जबकि मूंगफली स्वस्थ वसा और कुछ प्रोटीन प्रदान करती है। इस वजह से यह केवल एक साधारण फलाहार नहीं रहता, बल्कि एक संतुलित नाश्ता बन जाता है। स्तनपान कराने वाली मां के लिए शकरकंद ऊर्जा देता है, जबकि दही और मूंगफली इसे ज्यादा पौष्टिक और पेट भरने वाला बनाते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए इसमें फाइबर और कैल्शियम दोनों मिलते हैं। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए शकरकंद व्यायाम से पहले ऊर्जा देने वाला अच्छा विकल्प है और दही तथा मूंगफली भोजन में प्रोटीन और स्वस्थ वसा जोड़ते हैं।

7. कुट्टू पनीर रोल

कुट्टू के आटे की पतली रोटी बनाएं और उसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर, दही और व्रत में खाई जाने वाली सब्जियों की भरावन रखें। इसे रोल करके तुरंत परोसा जा सकता है। यह रेसिपी नई मां के लिए विशेष रूप से सुविधाजनक है क्योंकि बच्चे की देखभाल के बीच लंबे समय तक रसोई में खड़े रहना मुश्किल होता है। कुट्टू से ऊर्जा मिलती है और पनीर प्रोटीन तथा कैल्शियम देता है, इसलिए यह एक भरपेट भोजन बन जाता है। गर्भवती महिलाओं को इसमें प्रोटीन और ऊर्जा दोनों मिलते हैं। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए पनीर व्यायाम के बाद मांसपेशियों की रिकवरी में प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में योगदान देता है।

8. सामक वेजिटेबल पुलाव

सामक के चावल को व्रत में खाई जाने वाली सब्जियों, थोड़े घी और हल्के मसालों के साथ पुलाव की तरह पकाएं। इसे दही के साथ परोसें। सामक से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जबकि सब्जियां फाइबर और कई जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व देती हैं। दही मिलाने से भोजन में प्रोटीन और कैल्शियम भी जुड़ जाते हैं। नई मां के लिए यह भोजन ऊर्जा और पोषण दोनों देता है, जो प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी और स्तनपान के दौरान महत्वपूर्ण हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए सब्जियों से मिलने वाला फाइबर भोजन को संतुलित बनाता है। जिम करने वालों के लिए सामक ऊर्जा देता है और दही प्रोटीन की मात्रा बढ़ाता है।

9. मखाना दूध खीर

मखाने को हल्का भूनकर दूध में अच्छी तरह पकाएं। इसमें स्वाद के लिए थोड़े बादाम या अखरोट डालें और मिठास के लिए बहुत ज्यादा चीनी का इस्तेमाल न करें। दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जबकि मखाना इस खीर को ज्यादा भरपेट बनाता है। नई मां के लिए यह एक पौष्टिक नाश्ता या मिठाई बन सकती है, खासकर तब जब दिनभर की व्यस्तता के बीच कुछ स्वादिष्ट खाने का मन हो। गर्भवती महिलाओं को इससे दूध के जरिए प्रोटीन और कैल्शियम तथा मेवों से स्वस्थ वसा मिलती है। हालांकि मधुमेह या रक्त शर्करा से जुड़ी समस्या होने पर मिठास और मात्रा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। जिम करने वालों के लिए यह मुख्य प्रोटीन स्रोत नहीं है, लेकिन ऊर्जा देने वाले नाश्ते के रूप में इसे भोजन में शामिल किया जा सकता है।

10. केला-बादाम दूध स्मूदी

दूध में केला और कुछ बादाम डालकर स्मूदी तैयार करें। इसमें अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं है क्योंकि केला प्राकृतिक मिठास देता है। केले से कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम मिलता है, दूध प्रोटीन और कैल्शियम देता है, जबकि बादाम स्वस्थ वसा और थोड़ी मात्रा में प्रोटीन प्रदान करता है। स्तनपान कराने वाली मां के लिए यह जल्दी तैयार होने वाला पौष्टिक विकल्प है। इसे कुछ ही मिनटों में तैयार करके लिया जा सकता है और इससे ऊर्जा तथा प्रोटीन दोनों मिलते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए यह सुबह या भोजन के बीच लिया जाने वाला अच्छा विकल्प है, खासकर तब जब ठोस भोजन खाने का मन कम हो। जिम करने वालों के लिए केला व्यायाम से पहले ऊर्जा देता है और दूध प्रोटीन की मात्रा बढ़ाता है।

11. पनीर सामक टिक्की

उबले हुए सामक और पनीर को अच्छी तरह मिलाकर छोटी टिक्की बनाएं। इन्हें कम घी में तवे पर हल्का सेंक लें और चाहें तो मिश्रण में थोड़ी भुनी हुई मूंगफली भी डालें। सामक से कार्बोहाइड्रेट मिलता है और पनीर से प्रोटीन तथा कैल्शियम। इसलिए यह सामान्य आलू की टिक्की की तुलना में ज्यादा संतुलित भोजन बनती है। नई मां के लिए इसमें मौजूद प्रोटीन प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी में योगदान देता है, जबकि सामक ऊर्जा देता है। गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद करता है। जिम करने वालों के लिए पनीर मांसपेशियों की रिकवरी के लिए जरूरी प्रोटीन देता है और सामक व्यायाम के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

12. कुट्टू-दही पैनकेक

कुट्टू के आटे में दही मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें और इसे छोटे पैनकेक की तरह तवे पर पकाएं। ऊपर से थोड़ा दही और कटे हुए मेवे डालकर इसे परोसें। कुट्टू से ऊर्जा मिलती है, दही प्रोटीन और कैल्शियम देता है और मेवे स्वस्थ वसा जोड़ते हैं। नई मां के लिए यह सुबह का आसान और भरपेट नाश्ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए इसमें प्रोटीन और कैल्शियम दोनों मिलते हैं, जो pregnancy diet के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। जिम करने वालों के लिए यह नाश्ता या व्यायाम से पहले का भोजन बन सकता है, हालांकि मांसपेशियों की वृद्धि के लिए पूरे दिन की प्रोटीन जरूरत को अलग से पूरा करना होगा।

13. पनीर-मखाना ग्रेवी

मखाने और पनीर को व्रत में इस्तेमाल होने वाले हल्के मसालों के साथ पकाकर ग्रेवी तैयार करें। इसे कुट्टू की रोटी या सामक के साथ परोसें। इस भोजन की खासियत यह है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन दोनों एक साथ मिलते हैं। नई मां के लिए यह दोपहर या रात का भरपेट भोजन बनता है, क्योंकि पनीर प्रोटीन और कैल्शियम देता है तथा कुट्टू या सामक ऊर्जा प्रदान करता है। गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में योगदान देता है। जिम करने वालों के लिए यह खास तौर पर उपयोगी भोजन है क्योंकि व्रत के दौरान कम हो जाने वाले प्रोटीन सेवन को बढ़ाने में पनीर मदद करता है।

14. फल-दही-नट्स बाउल

एक कटोरी में मौसमी फल जैसे केला, सेब या अनार लें और उसमें दही, कुछ बादाम तथा अखरोट डालें। इसमें अतिरिक्त चीनी डालने की जरूरत नहीं है क्योंकि फलों में प्राकृतिक मिठास पहले से मौजूद रहती है। फलों से फाइबर और कई सूक्ष्म पोषक तत्व मिलते हैं, दही प्रोटीन और कैल्शियम देता है और मेवे स्वस्थ वसा प्रदान करते हैं। नई मां के लिए यह बिना पकाए तैयार होने वाला आसान नाश्ता है, जिसे बच्चे की देखभाल के बीच भी जल्दी तैयार किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए फल और दही का यह मेल भोजन में विविध पोषक तत्व जोड़ता है। जिम करने वालों के लिए यह हल्का नाश्ता है, लेकिन इसे पूरा प्रोटीन वाला भोजन नहीं माना जाना चाहिए।

15. शकरकंद-मूंगफली टिक्की

उबले हुए शकरकंद को अच्छी तरह मैश करें और उसमें भुनी हुई मूंगफली तथा व्रत में इस्तेमाल होने वाले मसाले मिलाएं। इस मिश्रण की छोटी टिक्की बनाकर उन्हें कम घी में तवे पर सेंक लें। शकरकंद से कार्बोहाइड्रेट और फाइबर मिलता है, जबकि मूंगफली स्वस्थ वसा और कुछ प्रोटीन देती है। स्तनपान कराने वाली मां के लिए यह ऊर्जा देने वाला नाश्ता है और दिनभर की बढ़ी हुई ऊर्जा जरूरत में योगदान देता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह ज्यादा तेल में तले हुए नाश्ते की जगह घर पर तैयार किया हुआ बेहतर विकल्प है। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए शकरकंद व्यायाम से पहले ऊर्जा देता है, जबकि व्यायाम के बाद प्रोटीन की जरूरत के लिए इसे दही या किसी दूसरे प्रोटीन स्रोत के साथ लेना बेहतर रहेगा।

16. साबूदाना पनीर टिक्की

भिगोए हुए साबूदाने में मैश किया हुआ पनीर और थोड़ी भुनी हुई मूंगफली मिलाएं। इस मिश्रण की छोटी टिक्की बनाकर कम घी में तवे पर सेंक लें। साबूदाना ऊर्जा देता है, पनीर प्रोटीन और कैल्शियम बढ़ाता है और मूंगफली स्वस्थ वसा के साथ अतिरिक्त प्रोटीन देती है। नई मां के लिए यह साधारण साबूदाना खिचड़ी की तुलना में ज्यादा संतुलित विकल्प है क्योंकि इसमें केवल कार्बोहाइड्रेट पर निर्भर रहने के बजाय प्रोटीन और वसा भी शामिल होते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर प्रोटीन की जरूरत में योगदान देता है और साबूदाना ऊर्जा देता है। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए यह कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाला भोजन है, इसलिए व्रत के दौरान workout diet को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

17. कुट्टू पनीर पराठा

कुट्टू के आटे की दो पतली परतों के बीच कद्दूकस किया हुआ पनीर भरें और पराठे को हल्के घी में तवे पर सेंक लें। इसे दही के साथ खाने पर प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा और बढ़ जाती है। नई मां के लिए यह एक भरपेट भोजन है जिसमें प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी के लिए प्रोटीन और दिनभर की ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट दोनों मिलते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर प्रोटीन और कैल्शियम देता है, जबकि कुट्टू ऊर्जा प्रदान करता है। जिम करने वालों के लिए यह कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाला भोजन है, इसलिए workout के बाद के meal में भी इसे शामिल किया जा सकता है।

18. सामक दही खिचड़ी

सामक को हल्का पकाकर उसमें दही मिलाएं और ऊपर से भुनी हुई मूंगफली डालें। यह रेसिपी बिना ज्यादा तेल और मसालों के भी स्वादिष्ट बनती है। सामक से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, दही प्रोटीन और कैल्शियम देता है और मूंगफली स्वस्थ वसा तथा कुछ अतिरिक्त प्रोटीन प्रदान करती है। नई मां के लिए यह हल्का लेकिन भरपेट दोपहर या रात का भोजन है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह सरल भोजन उन दिनों में अच्छा विकल्प है जब बहुत ज्यादा मसालेदार या तला हुआ खाना पसंद न आए। जिम करने वालों के लिए इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन दोनों मौजूद रहते हैं, इसलिए workout routine के साथ इसे आसानी से शामिल किया जा सकता है।

19. मखाना-मूंगफली चिवड़ा

मखाने और मूंगफली को अलग-अलग हल्का भूनें और दोनों को मिलाकर इसमें सेंधा नमक तथा व्रत में इस्तेमाल होने वाले मसाले डालें। यह रेसिपी कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है और इसे छोटे हिस्से में नाश्ते के रूप में लिया जा सकता है। नई मां के लिए यह उस समय उपयोगी रहता है जब अचानक भूख लगे और पूरा भोजन तैयार करने का समय न मिले। गर्भवती महिलाओं के लिए यह सुविधाजनक नाश्ता है जिसमें मेवों से स्वस्थ वसा और कुछ प्रोटीन मिलता है। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए यह व्यायाम से पहले ऊर्जा देने वाला हल्का नाश्ता बनता है, लेकिन व्यायाम के बाद शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी करने के लिए दूध, दही, पनीर या किसी दूसरे प्रोटीन स्रोत को भोजन में शामिल करना जरूरी रहेगा।

20. पनीर-दही कुट्टू बाउल

कुट्टू की छोटी रोटी या चीले को टुकड़ों में काटकर एक कटोरी में रखें। इसमें पनीर, दही और थोड़ी भुनी हुई मूंगफली डालें और ऊपर से सेंधा नमक तथा व्रत में इस्तेमाल होने वाले हरे मसाले डालकर परोसें। कुट्टू से कार्बोहाइड्रेट, पनीर और दही से प्रोटीन तथा कैल्शियम और मूंगफली से स्वस्थ वसा मिलती है। इसी वजह से यह पूरी सूची में सबसे संतुलित combinations में से एक है। नई मां के लिए यह प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी और स्तनपान के दौरान बढ़ी हुई पोषण जरूरतों में योगदान देता है। गर्भवती महिलाओं के लिए इसमें प्रोटीन और कैल्शियम दोनों के अच्छे स्रोत मौजूद हैं। जिम करने वाले व्यक्ति के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का यह मेल workout nutrition के लिहाज से काफी उपयोगी है।

व्रत में हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है

इन सभी recipes को देखते हुए एक बात समझना जरूरी है कि गर्भावस्था, स्तनपान और जिम करने के दौरान शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें एक जैसी नहीं रहतीं। इसलिए हर व्यक्ति के लिए एक ही recipe को सबसे ज्यादा फायदेमंद मानना सही नहीं होगा।

अगर आप हाल ही में मां बनी हैं और बच्चे को पूरी तरह स्तनपान करा रही हैं, तो आपका ध्यान केवल व्रत के नियमों पर नहीं बल्कि पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन, तरल पदार्थ और संतुलित भोजन पर भी रहना चाहिए। ऐसे में पनीर, दही, दूध, मेवे और संतुलित meals को प्राथमिकता देना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

अगर आप गर्भवती हैं, तो व्रत के नाम पर लंबे समय तक भूखे रहने या भोजन की मात्रा बहुत कम करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में पोषण की जरूरत बदलती रहती है, इसलिए आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार भोजन तय करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

अगर आप जिम करते हैं, तो व्रत के दौरान सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त प्रोटीन लेना रहती है। कुट्टू, सामक और साबूदाना से कार्बोहाइड्रेट आसानी से मिल जाता है, लेकिन प्रोटीन के लिए पनीर, दही, दूध और अन्य व्रत-अनुकूल protein sources को भोजन में सोच-समझकर शामिल करना जरूरी है।

इसलिए नवरात्रि के व्रत में केवल यह देखना जरूरी नहीं है कि “क्या खा सकते हैं?” बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि “जो खा रहे हैं, उससे शरीर को क्या मिल रहा है?” जब कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, स्वस्थ वसा, कैल्शियम, फाइबर और पर्याप्त तरल पदार्थों का संतुलन बना रहता है, तब व्रत का भोजन भी ज्यादा पौष्टिक और शरीर के लिए उपयोगी बन जाता है।

नवरात्रि में क्या खाएं ताकि पेट भी भरा रहे और कमजोरी भी न लगे?

नवरात्रि में अगर आप पूरे दिन सिर्फ फल, साबूदाना या आलू खाते रहेंगे तो कुछ समय बाद भूख लगना या कमजोरी महसूस होना स्वाभाविक है। इसलिए व्रत के खाने में कुट्टू, सामक या शकरकंद जैसी ऊर्जा देने वाली चीजों के साथ पनीर, दही, दूध, मूंगफली और मेवों को भी शामिल करें। इससे आपका भोजन ज्यादा संतुलित रहेगा और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है।

नवरात्रि व्रत में प्रोटीन कैसे पूरा करें?

व्रत के दौरान सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों को होती है जो रोज अपने भोजन में प्रोटीन का ध्यान रखते हैं, क्योंकि कई सामान्य प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ उस समय नहीं खाए जाते। ऐसी स्थिति में पनीर, दही, दूध, मूंगफली, बादाम और अखरोट जैसे विकल्प काम आते हैं। इन्हें कुट्टू, सामक या शकरकंद के साथ मिलाकर खाने से भोजन में प्रोटीन के साथ पर्याप्त ऊर्जा भी शामिल हो जाती है।

जिम करने वाले लोग नवरात्रि में क्या खाएं?

अगर आप रोज जिम जाते हैं और नवरात्रि में भी अपना workout जारी रखना चाहते हैं, तो केवल साबूदाना या फल खाकर दिन निकालना सही तरीका नहीं है। आपको अपने खाने में पनीर, दही, दूध और मेवों जैसे प्रोटीन वाले विकल्पों के साथ कुट्टू, सामक और शकरकंद जैसे ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ भी रखने चाहिए। उदाहरण के लिए पनीर कुट्टू चीला, सामक पनीर खिचड़ी या पनीर-मखाना जैसी recipes व्रत के दौरान आपके भोजन को ज्यादा पौष्टिक बना सकती हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए नवरात्रि में कौन सा खाना अच्छा है?

गर्भावस्था में व्रत रखना हर महिला के लिए एक जैसा नहीं होता, इसलिए सबसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अगर डॉक्टर व्रत रखने की अनुमति देते हैं, तो भोजन की मात्रा बहुत कम करने के बजाय पनीर, दही, दूध, फल, शकरकंद और मेवों जैसे पौष्टिक विकल्पों को भोजन में शामिल करना बेहतर रहेगा। इस दौरान केवल व्रत के नियमों पर ध्यान देने के बजाय मां और बच्चे दोनों की पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखना ज्यादा जरूरी है।

नई मां नवरात्रि में क्या खाए?

डिलीवरी के बाद महिला का शरीर पहले से ही काफी बदलावों से गुजर रहा होता है और बच्चे की देखभाल के कारण उसका पूरा दिन भी व्यस्त रहता है। ऐसे समय में व्रत रखने पर खाना बहुत कम कर देना सही नहीं होगा। पनीर, दही, दूध, फल, मेवे, शकरकंद और दूसरे व्रत-अनुकूल पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपनी जरूरत के अनुसार भोजन में शामिल करें, ताकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिलता रहे।

स्तनपान कराने वाली मां नवरात्रि का व्रत रख सकती है क्या?

स्तनपान कराने वाली मां के शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, इसलिए बिना सलाह के व्रत शुरू करना ठीक नहीं है। अगर डॉक्टर व्रत रखने की अनुमति देते हैं, तो पूरे दिन भूखे रहने या भोजन बहुत कम करने के बजाय पर्याप्त भोजन और तरल पदार्थ लेना जरूरी रहेगा। अगर व्रत के दौरान लगातार कमजोरी, चक्कर या किसी तरह की परेशानी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

व्रत में सिर्फ साबूदाना खाने के बजाय क्या खाएं?

साबूदाना व्रत में आसानी से खाया जाने वाला भोजन है और इससे ऊर्जा भी मिलती है, लेकिन इसे ही पूरे दिन के भोजन का आधार बनाना सही नहीं है। कभी कुट्टू का चीला, कभी सामक की खिचड़ी, कभी पनीर के साथ कोई रेसिपी और कभी दही या शकरकंद जैसे विकल्प लेने से भोजन में अच्छी variety बनी रहती है। इससे आपको अलग-अलग खाद्य पदार्थों से अलग-अलग पोषक तत्व भी मिलते हैं।

नवरात्रि में पनीर से क्या-क्या बना सकते हैं?

अगर आप नवरात्रि में पनीर खाते हैं, तो हर दिन एक ही तरह की सब्जी या पनीर खाने की जरूरत नहीं है। पनीर से कुट्टू चीला, सामक पनीर खिचड़ी, सिंघाड़े के आटे का पनीर चीला, कुट्टू पनीर रोल, पनीर सामक टिक्की और पनीर-दही कुट्टू बाउल जैसी कई आसान recipes बनाई जा सकती हैं। इससे व्रत का खाना भी स्वादिष्ट बना रहता है और पनीर के जरिए भोजन में प्रोटीन और कैल्शियम भी जुड़ जाते हैं।